(N/A) प्रत्येक समूह का पहला सदस्य अपने छोटे आकार,उच्च आवेश घनत्व और उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण उसी समूह के अन्य तत्वों से भिन्न होता है।
$(i)$ छोटी परमाणु और आयनिक त्रिज्या: पहले सदस्य की परमाणु और आयनिक त्रिज्या उसी समूह के बाद के सदस्यों की तुलना में काफी छोटी होती है।
$(ii)$ $d$-कक्षकों की अनुपस्थिति: प्रत्येक समूह के पहले सदस्य के पास बंधन के लिए केवल चार संयोजकता कक्षक $(2s, 2p_x, 2p_y, 2p_z)$ उपलब्ध होते हैं,जो इसकी अधिकतम सहसंयोजकता को $4$ तक सीमित करते हैं (जैसे,बोरॉन $[BF_4]^-$ बनाता है,जबकि एल्युमिनियम $[AlF_6]^{3-}$ बना सकता है)।
$(iii)$ $p_{\pi}-p_{\pi}$ मल्टीपल बॉन्ड बनाने की क्षमता: $p$-ब्लॉक तत्वों का पहला सदस्य स्वयं के साथ (जैसे,$C=C, C \equiv C, N=N, N \equiv N$) और दूसरे आवर्त के अन्य तत्वों के साथ (जैसे,$C=O, C=N, N=O$) $p_{\pi}-p_{\pi}$ मल्टीपल बॉन्ड बनाने की अधिक क्षमता रखता है,जबकि भारी तत्व ऐसे बॉन्ड प्रभावी ढंग से नहीं बना पाते हैं।