(N/A) $1$. यील्ड पॉइंट: यील्ड पॉइंट स्ट्रेस-स्ट्रेन (stress-strain) वक्र पर वह बिंदु है जिसके आगे पदार्थ प्लास्टिक रूप से विकृत होना शुरू हो जाता है। इस बिंदु तक,पदार्थ प्रत्यास्थ व्यवहार प्रदर्शित करता है,जिसका अर्थ है कि विरूपक बल को हटा दिए जाने पर यह अपने मूल आकार में वापस आ जाएगा। यील्ड पॉइंट के बाद,पदार्थ में स्थायी विरूपण (permanent deformation) होता है।
$2$. यील्ड स्ट्रेंथ: यील्ड स्ट्रेंथ को यील्ड पॉइंट के अनुरूप स्ट्रेस के मान के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह उस अधिकतम स्ट्रेस को दर्शाता है जिसे कोई पदार्थ स्थायी प्लास्टिक विरूपण के बिना सहन कर सकता है। इंजीनियरिंग डिजाइन में यह एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संरचनात्मक घटक परिचालन भार के तहत अपनी प्रत्यास्थ सीमा के भीतर रहें।