(N/A) आंशिक रूप से ध्रुवित प्रकाश,प्रकाश की वह स्थिति है जिसमें विद्युत क्षेत्र सदिश की तीव्रता संचरण की दिशा के लंबवत सभी दिशाओं में समान नहीं होती है,लेकिन यह पूरी तरह से एक ही तल में भी सीमित नहीं होती है।
जब अध्रुवित प्रकाश का परावर्तन या प्रकीर्णन होता है,तो आपतन तल के लंबवत और आपतन तल के समानांतर विद्युत क्षेत्र के घटक अलग-अलग तीव्रताओं के साथ परावर्तित होते हैं।
ध्रुवण कोण (ब्रूस्टर कोण) पर,परावर्तित प्रकाश पूरी तरह से समतल ध्रुवित होता है क्योंकि आपतन तल के समानांतर घटक शून्य हो जाता है।
ध्रुवण कोण के अलावा अन्य कोणों पर,दोनों घटक मौजूद होते हैं,लेकिन एक घटक दूसरे की तुलना में अधिक प्रबल होता है।
चूंकि दोनों घटक मूल अध्रुवित प्रकाश से प्राप्त होते हैं और उनके बीच कोई स्थायी कला संबंध नहीं होता है,इसलिए परिणामी प्रकाश को एक घूर्णन विश्लेषक (analyser) के माध्यम से देखने पर उसकी तीव्रता बदलती रहती है,लेकिन यह कभी भी शून्य नहीं होती है। इस प्रकार के प्रकाश को आंशिक रूप से ध्रुवित प्रकाश कहा जाता है।