(N/A) सेंट्रोमियर गुणसूत्रों पर मौजूद एक प्राथमिक संकीर्णन (constriction) है जहाँ क्रोमैटिड्स एक साथ जुड़े होते हैं।
सेंट्रोमियर की स्थिति के आधार पर गुणसूत्रों को चार प्रकारों में विभाजित किया गया है:
$(i)$ मेटासेंट्रिक गुणसूत्र: वह गुणसूत्र जिसमें सेंट्रोमियर बीच में स्थित होता है और गुणसूत्र को दो समान भुजाओं में विभाजित करता है,उसे मेटासेंट्रिक गुणसूत्र कहा जाता है।
$(ii)$ सब-मेटासेंट्रिक गुणसूत्र: वह गुणसूत्र जिसमें सेंट्रोमियर मध्य क्षेत्र से थोड़ा दूर स्थित होता है,जिसके परिणामस्वरूप एक भुजा दूसरी भुजा से थोड़ी लंबी होती है।
$(iii)$ एक्रोसेंट्रिक गुणसूत्र: वह गुणसूत्र जिसमें सेंट्रोमियर एक अंतिम छोर के करीब स्थित होता है,जिसके परिणामस्वरूप एक भुजा अत्यंत लंबी और दूसरी भुजा अत्यंत छोटी होती है।
$(iv)$ टेलोसेंट्रिक गुणसूत्र: वह गुणसूत्र जिसमें सेंट्रोमियर एक अंतिम छोर पर स्थित होता है,उसे टेलोसेंट्रिक गुणसूत्र कहा जाता है।