(N/A) $(i)$ $\text{Hydrogen economy}$: हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का मूल सिद्धांत तरल या गैसीय डाइहाइड्रोजन के रूप में ऊर्जा का भंडारण और परिवहन है।
$(ii)$ $\text{Hydrogenation}$: उत्प्रेरक की उपस्थिति में असंतृप्त कार्बनिक यौगिकों में डाइहाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त यौगिक बनाने की प्रक्रिया।
$(iii)$ $\text{Syngas}$: $CO$ और $H_2$ के मिश्रण को संश्लेषण गैस या सिनगैस कहा जाता है।
$(iv)$ $\text{Water-gas shift reaction}$: डाइहाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए उत्प्रेरक $(FeCrO_4)$ की उपस्थिति में सिनगैस के कार्बन मोनोऑक्साइड की भाप के साथ अभिक्रिया: $CO_{(g)} + H_2O_{(g)} \xrightarrow[673 \ K]{\text{catalyst}} CO_{2(g)} + H_{2(g)}$.
$(v)$ $\text{Fuel-cell}$: एक उपकरण जो ईंधन (जैसे हाइड्रोजन,मीथेन,मेथनॉल) की रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।