(N/A) वॉटसन और क्रिक ने $DNA$ का द्वि-कुंडली मॉडल विकसित करने के लिए निम्नलिखित जानकारी का उपयोग किया:
$(i)$ चारगाफ का नियम,जो बताता है कि एडेनिन और थाइमिन तथा ग्वानिन और साइटोसिन का अनुपात बराबर होता है ($A=T$ और $C=G$)।
$(ii)$ मौरिस विल्किंस और रोज़ालिंड फ्रैंकलिन द्वारा $DNA$ क्रिस्टल के $X$-रे विवर्तन (diffraction) अध्ययन से प्राप्त डेटा,जिसने $DNA$ की भौतिक संरचना के बारे में जानकारी प्रदान की।
$(iii)$ उनका योगदान इस प्रकार था: $(a)$ द्वि-कुंडली संरचना का प्रस्ताव दिया जिसमें पूरक क्षार हाइड्रोजन बंधों के माध्यम से जुड़ते हैं,$(b)$ अर्ध-संरक्षी (semi-conservative) प्रतिकृति के लिए एक तंत्र का सुझाव दिया,और $(c)$ यह प्रस्तावित किया कि नाइट्रोजनस क्षारों में टॉटोमेरिक बदलाव के माध्यम से उत्परिवर्तन (mutation) हो सकते हैं।