द्विनाम पद्धति (binomial nomenclature) के नियम क्या हैं?

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(N/A) द्विनाम पद्धति सजीवों के नामकरण की एक मानकीकृत प्रणाली है।
द्विनाम पद्धति के सार्वभौमिक नियम निम्नलिखित हैं:
$(1)$ जैविक नाम सामान्यतः लैटिन भाषा में होते हैं और इन्हें इटैलिक्स में लिखा जाता है। इनका उद्भव चाहे कहीं से भी हुआ हो, इन्हें लैटिन में ही लिखा जाता है।
$(2)$ जैविक नाम का पहला शब्द वंश (genus) को दर्शाता है, जबकि दूसरा घटक जाति संकेत पद (specific epithet) को दर्शाता है।
$(3)$ जैविक नाम के दोनों शब्दों को जब हाथ से लिखा जाता है, तो उन्हें अलग-अलग रेखांकित किया जाता है, या जब मुद्रित किया जाता है, तो उन्हें इटैलिक्स में लिखा जाता है, जो उनके लैटिन उद्भव को दर्शाता है।
$(4)$ वंश को दर्शाने वाला पहला शब्द बड़े अक्षर (capital letter) से शुरू होता है, जबकि जाति संकेत पद छोटे अक्षर (small letter) से शुरू होता है।
इसे $Mangifera \, indica$ के उदाहरण से समझा जा सकता है।
$(5)$ लेखक का नाम जाति संकेत पद के बाद, यानी जैविक नाम के अंत में लिखा जाता है और इसे संक्षिप्त रूप में लिखा जाता है, जैसे $Mangifera \, indica \, Linn$.
यह दर्शाता है कि इस प्रजाति का वर्णन सबसे पहले लिनियस द्वारा किया गया था।

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