(N/A) विकास के बारे में डार्विनियन सिद्धांत का सार 'प्राकृतिक चयन' (Natural selection) है।
$(i)$ तीव्र गुणन: जीवों में प्रजनन की उच्च क्षमता होती है।
$(ii)$ सीमित भोजन और स्थान: संसाधन सीमित हैं,जिससे प्रतिस्पर्धा होती है।
$(iii)$ अस्तित्व के लिए संघर्ष: जीव सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
$(iv)$ विभिन्नताएँ: एक आबादी के भीतर जीवों में विभिन्नताएँ पाई जाती हैं।
$(v)$ योग्यतम की उत्तरजीविता: जिन जीवों में लाभकारी विभिन्नताएँ होती हैं,उनके जीवित रहने और प्रजनन करने की संभावना अधिक होती है।
$(vi)$ प्राकृतिक चयन: प्रकृति उन जीवों का चयन करती है जो अपने पर्यावरण के प्रति बेहतर अनुकूलित होते हैं।
$(vii)$ जाति उद्भवन: समय के साथ,ये संचित विभिन्नताएँ नई प्रजातियों के निर्माण की ओर ले जाती हैं।
शाखित वंशक्रम (Branching descent) और प्राकृतिक चयन डार्विन के विकासवाद के दो मुख्य सिद्धांत हैं।