(N/A) $(i)$ $[Mn(CN)_{6}]^{3-}$: $Mn^{3+}$ का विन्यास $3d^{4}$ है। $CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो युग्मन (pairing) करता है। संकरण: $d^{2}sp^{3}$। आंतरिक कक्षक संकुल। अनुचुंबकीय (दो अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)। चुंबकीय आघूर्ण,$\mu = \sqrt{2(2+2)} = 2.83 \ B.M.$
$(ii)$ $[Co(NH_{3})_{6}]^{3+}$: $Co^{3+}$ का विन्यास $3d^{6}$ है। $NH_{3}$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो युग्मन करता है। संकरण: $d^{2}sp^{3}$। आंतरिक कक्षक संकुल। प्रतिचुंबकीय। चुंबकीय आघूर्ण,$\mu = 0 \ B.M.$
$(iii)$ $[Cr(H_{2}O)_{6}]^{3+}$: $Cr^{3+}$ का विन्यास $3d^{3}$ है। संकरण: $d^{2}sp^{3}$। आंतरिक कक्षक संकुल। अनुचुंबकीय (तीन अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)। चुंबकीय आघूर्ण,$\mu = \sqrt{3(3+2)} = 3.87 \ B.M.$
$(iv)$ $[FeCl_{6}]^{4-}$: $Fe^{2+}$ का विन्यास $3d^{6}$ है। $Cl^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,युग्मन नहीं होता है। संकरण: $sp^{3}d^{2}$। बाह्य कक्षक संकुल। अनुचुंबकीय (चार अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)। चुंबकीय आघूर्ण,$\mu = \sqrt{4(4+2)} = 4.90 \ B.M.$