(A) दिया गया है:
$5 \, \Omega$ के प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर $(V_1)$ = $10 \, V$
$R \, \Omega$ के प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर $(V_2)$ = $6 \, V$
प्रतिरोध $R_1 = 5 \, \Omega$
$(i)$ ओम के नियम के अनुसार,$5 \, \Omega$ के प्रतिरोधक से प्रवाहित विद्युत धारा $(I)$:
$I = \frac{V_1}{R_1} = \frac{10 \, V}{5 \, \Omega} = 2 \, A$
(ii) चूंकि दोनों प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में जुड़े हैं,इसलिए पूरे परिपथ में विद्युत धारा समान रहती है। अतः,प्रतिरोधक $R$ से प्रवाहित विद्युत धारा भी $2 \, A$ है।
(iii) प्रतिरोधक $R$ के लिए ओम के नियम का उपयोग करने पर:
$R = \frac{V_2}{I} = \frac{6 \, V}{2 \, A} = 3 \, \Omega$
(iv) चूंकि प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,इसलिए कुल वोल्टेज $V$ प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर का योग है:
$V = V_1 + V_2 = 10 \, V + 6 \, V = 16 \, V$