(C) एक उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या उसकी परमाणु संख्या $(Z)$ के बराबर होती है। तत्व $A$ के लिए,$Z = 20$,इसलिए इसमें $20$ इलेक्ट्रॉन हैं। तत्व $B$ के लिए,$Z = 18$,इसलिए इसमें $18$ इलेक्ट्रॉन हैं।
$(b)$ न्यूक्लियॉनों की संख्या द्रव्यमान संख्या $(A)$ के बराबर होती है। दोनों तत्वों की द्रव्यमान संख्या $40$ है,इसलिए दोनों में $40$ न्यूक्लियॉन हैं।
$(c)$ $A$ और $B$ को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाने वाला विशेष शब्द 'समभारिक' (Isobars) है।
परिभाषा: अलग-अलग रासायनिक तत्वों के वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है लेकिन परमाणु संख्या भिन्न होती है,उन्हें समभारिक कहा जाता है।
उदाहरण: $_{18}^{40}Ar$ और $_{20}^{40}Ca$।