(3 A) एक प्रतिरोधक द्वारा क्षयित शक्ति का सूत्र $P = I^2 R$ है।
दिया गया है कि प्रत्येक प्रतिरोधक द्वारा सहन की जा सकने वाली अधिकतम शक्ति $P_{max} = 18 \,W$ है और प्रतिरोध $R = 2 \,\Omega$ है।
सबसे पहले,अधिकतम विद्युत धारा $I_{max}$ की गणना करें जिसे कोई भी एक प्रतिरोधक संभाल सकता है:
$I_{max}^2 = P_{max} / R = 18 / 2 = 9$
$I_{max} = \sqrt{9} = 3 \,A$.
दिए गए परिपथ में,प्रतिरोधक $A$,प्रतिरोधकों $B$ और $C$ के समानांतर संयोजन के साथ श्रेणीक्रम में है।
कुल विद्युत धारा $I$ प्रतिरोधक $A$ से होकर गुजरती है। इसलिए,परिपथ से प्रवाहित होने वाली अधिकतम विद्युत धारा $I$ प्रतिरोधक $A$ की अधिकतम विद्युत धारा क्षमता द्वारा सीमित है,जो $3 \,A$ है।
यदि परिपथ से $I = 3 \,A$ धारा प्रवाहित होती है,तो समानांतर जंक्शन पर,धारा $B$ और $C$ के बीच समान रूप से विभाजित हो जाती है (क्योंकि $R_B = R_C = 2 \,\Omega$ है)।
इस प्रकार,$B$ से प्रवाहित धारा $I_B = 1.5 \,A$ है और $C$ से प्रवाहित धारा $I_C = 1.5 \,A$ है।
चूंकि $1.5 \,A < 3 \,A$ है,इसलिए $B$ और $C$ दोनों सुरक्षित हैं।
अतः,परिपथ से प्रवाहित होने वाली अधिकतम विद्युत धारा $3 \,A$ है।