एक लंबे क्षैतिज छड़ चुंबक के उत्तरी ध्रुव को एक ऊर्ध्वाधर चालक तल के लंबवत दिशा में करीब लाया जा रहा है। चालक तल में प्रेरित धारा की दिशा क्या होगी?

  • A
    क्षैतिज
  • B
    ऊर्ध्वाधर
  • C
    दक्षिणावर्त (Clockwise)
  • D
    वामावर्त (Anticlockwise)

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किस वैज्ञानिक ने यह दिखाया कि चुंबकीय क्षेत्र को बदलकर विद्युत क्षेत्र प्राप्त किया जा सकता है?

$A$ और $B$ दो धात्विक वलय (rings) हैं जो चित्रानुसार एक अनंत लंबे सीधे धारावाही तार के विपरीत किनारों पर रखे गए हैं। यदि तार में धारा धीरे-धीरे कम की जाती है,तो प्रेरित धारा की दिशा क्या होगी?

कथन $(A)$: अधिक फेरों वाली कुंडली (coil) में चुंबक को ले जाना अधिक कठिन होता है।
कारण $(R)$: इसका कारण यह है कि प्रत्येक धारा लूप में प्रेरित emf चुंबक की गति का विरोध करता है।

फैराडे के विद्युतचुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार:

$50$ फेरों वाली एक वृत्ताकार कुंडली की त्रिज्या $3\;cm$ है। इसे कुंडली के क्षेत्रफल के लंबवत कार्य करने वाले चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। चुंबकीय क्षेत्र $B$,$2\;ms$ में $0.10\;T$ से बढ़कर $0.35\;T$ हो जाता है। कुंडली में औसत प्रेरित $e.m.f.$ .......$V$ है।

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