एक ही पुष्प में नर (परागकोष) और मादा (वर्तिकाग्र) जनन अंगों का अलग-अलग समय पर परिपक्व होना (स्व-परागण की संभावना को कम करने के लिए) क्या कहलाता है?

  • A
    डाइकोगेमी (Dichogamy)
  • B
    डाइकोटॉमी (Dichotomy)
  • C
    डाइक्लाइनी (Dicliny)
  • D
    डाइओसी (Dioecy)

Explore More

Similar Questions

नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन $I$: विषमरूपी (heteromorphic) पुष्पों में,परागकोश से उत्पन्न परागकण समान स्तर पर उत्पन्न वर्तिकाग्र पर परागण करते हैं।
कथन $II$: तंबाकू में,उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर परागकण का अंकुरण बाधित होता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए सही विकल्प का चयन करें:

एक उभयलिंगी पुष्प में,यदि पुमंग और जायांग अलग-अलग समय पर परिपक्व होते हैं,तो इस घटना को क्या कहा जाता है?

आउटब्रीडिंग डिवाइसेस (बहिःप्रजनन युक्तियाँ) क्या हैं? इसका महत्व बताइए।

कुछ पौधों में,वर्तिकाग्र और परागकोष अलग-अलग समय पर परिपक्व होते हैं क्योंकि

निम्नलिखित में से कौन सी युक्तियाँ पर-परागण को बढ़ावा देती हैं?
$(i)$ पराग मुक्ति और वर्तिकाग्र की ग्राह्यता का समकालिक न होना
$(ii)$ परागकोष और वर्तिकाग्र का अलग-अलग स्थानों पर स्थित होना
$(iii)$ उभयलिंगाश्रयी (Monoecious) पौधे
$(iv)$ एकलिंगाश्रयी (Dioecious) पौधों का उत्पादन
$(v)$ स्व-असंगतता (Self-incompatibility)
$(vi)$ परागकोष और वर्तिकाग्र का एक-दूसरे के करीब स्थित होना
$(vii)$ स्व-संगतता

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo