(N/A) यद्यपि $ATP$ उत्पादन में वायवीय श्वसन अधिक कुशल है,फिर भी अवायवीय श्वसन विशिष्ट शारीरिक स्थितियों में जीवित रहने के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र के रूप में कार्य करता है।
$1$. मनुष्यों में: तीव्र शारीरिक व्यायाम के दौरान,मांसपेशियों की कोशिकाओं में $ATP$ की मांग तेजी से बढ़ जाती है। संचार प्रणाली के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति इस उच्च मांग को पूरा करने के लिए अपर्याप्त हो सकती है। ऐसे मामलों में,मांसपेशी कोशिकाएं तेजी से $ATP$ उत्पन्न करने के लिए अस्थायी रूप से अवायवीय श्वसन (लैक्टिक एसिड किण्वन) की ओर रुख करती हैं,जिससे ऑक्सीजन की कमी के बावजूद मांसपेशियां कार्य करना जारी रख सकती हैं।
$2$. आवृतबीजी (पादपों) में: जलभराव या मिट्टी के दबने जैसी स्थितियों में,जड़ें ऑक्सीजन की कमी (हाइपोक्सिया) का अनुभव कर सकती हैं। इन अस्थायी अवायवीय स्थितियों में जीवित रहने के लिए,पादप कोशिकाएं ऑक्सीजन का स्तर सामान्य होने तक बुनियादी चयापचय प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए अवायवीय श्वसन (अल्कोहलिक किण्वन) कर सकती हैं।