(A) क्षार धातुओं के परमाणुओं का आकार बड़ा होता है और इस कारण वे आसानी से धनायन बनाते हैं,जिससे उनके यौगिक आयनिक प्रकृति के होते हैं। क्षार धातुएं $+1$ ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करती हैं और आयनिक यौगिक बनाती हैं।
क्षार धातुएं तीन प्रकार के ऑक्साइड बनाती हैं - सामान्य ऑक्साइड $(M_{2}O)$,पेरोक्साइड $(M_{2}O_{2})$ और सुपर ऑक्साइड $(MO_{2})$।
सामान्य ऑक्साइडों का क्षारीय गुण उनके आयनिक चरित्र में वृद्धि के कारण $Li_{2}O$ से $Cs_{2}O$ तक बढ़ता है।
क्षार धातुओं के हैलाइड $(MX)$ भी आयनिक होते हैं,सिवाय $LiX$ के,जो $Li^{+}$ के छोटे आकार और उच्च ध्रुवीकरण शक्ति के कारण सहसंयोजक होता है।
ऑक्सोलवण: सभी क्षार धातुएं $M_{2}CO_{3}$ सामान्य सूत्र वाले ठोस कार्बोनेट बनाती हैं। $Li_{2}CO_{3}$ को छोड़कर सभी कार्बोनेट स्थिर होते हैं,क्योंकि $Li^{+}$ की उच्च ध्रुवीकरण क्षमता के कारण यह अस्थिर होता है और विघटित हो जाता है। सभी क्षार धातुएं ($Li$ को छोड़कर) ठोस बाइकार्बोनेट $(MHCO_{3})$ बनाती हैं। सभी क्षार धातुएं $MNO_{3}$ सूत्र वाले नाइट्रेट बनाती हैं। ये रंगहीन,जल में घुलनशील और वैद्युतसंयोजक यौगिक होते हैं।