(A-D) हाँ,यह तब संभव है जब किसी वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है और वह अपने उच्चतम बिंदु पर पहुँचती है। उच्चतम बिंदु पर,वस्तु का वेग $0 \ m/s$ होता है,लेकिन उस पर नीचे की दिशा में $9.8 \ m/s^2$ का गुरुत्वीय त्वरण कार्य करता है।
$(b)$ हाँ,यह प्रक्षेप्य गति (projectile motion) में संभव है। किसी कोण पर फेंके गए प्रक्षेप्य का क्षैतिज वेग स्थिर रहता है,लेकिन इसकी ऊर्ध्वाधर दिशा की गति गुरुत्वाकर्षण के कारण निरंतर त्वरित होती है।
$(c)$ हाँ,यह तब संभव है जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर स्थिर चाल से गति करती है। इस स्थिति में,चाल स्थिर रहती है,लेकिन गति की दिशा निरंतर बदलने के कारण वस्तु में अभिकेंद्र त्वरण (centripetal acceleration) उत्पन्न होता है।