(A) $(i) \text{ True}, (ii) \text{ True}, (iii) \text{ True}, (iv) \text{ False}$.
व्याख्या:
$(i)$ एनीलीन की अनुनाद संरचनाओं में,नाइट्रोजन परमाणु पर मौजूद एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (lone pair) बेंजीन वलय में विस्थानीकृत हो जाता है,जिससे नाइट्रोजन पर आंशिक धनावेश और ऑर्थो तथा पैरा स्थितियों पर आंशिक ऋणावेश उत्पन्न होता है,जिससे यह ध्रुवीय हो जाता है।
$(ii)$ $NH_2$ समूह से वलय में एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म के विस्थानीकरण के कारण अनुनाद संरचनाओं में आवेश का पृथक्करण होता है।
$(iii)$ $NH_2$ समूह के पास एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है जिसे वह $+R$ (अनुनाद) प्रभाव के माध्यम से बेंजीन वलय को दान करता है।
$(iv)$ $NH_2$ समूह एक इलेक्ट्रॉन-दाता समूह ($+R$ प्रभाव) के रूप में कार्य करता है,न कि इलेक्ट्रॉन-आकर्षक ($-R$ प्रभाव) समूह के रूप में।