(N/A) . आयनों के नामकरण के नियम: यदि समन्वय संस्था ऋणायनिक (anionic) है,तो धनायन का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद ऋणायनिक संकुल का नाम लिखा जाता है।
उदाहरण के लिए: $K_{2}[HgI_{4}]$ में,$K^{+}$ का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद $[HgI_{4}]^{2-}$ का नाम आता है। यदि समन्वय संस्था धनायनिक (cationic) है,तो धनात्मक भाग का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद ऋणायन का नाम लिखा जाता है।
उदाहरण के लिए: $[Ag(NH_{3})_{2}]OH$ में,धनात्मक आयन $[Ag(NH_{3})_{2}]^{+}$ का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद ऋणायन यानी $OH^{-}$ आयन का नाम लिखा जाता है।
$B$. लिगेंड्स के नामकरण के नियम: यदि लिगेंड्स ऋणायनिक हैं,तो नाम के अंत में $-o$ प्रत्यय लगना चाहिए। यदि लिगेंड्स उदासीन हैं,तो उन्हें असंयोजित अणु के समान ही नाम दिया जाता है।