(N/A) $CO_{2}$ का परिवहन रक्त में मुख्य रूप से तीन रूपों में होता है:
$1$. कार्बामिनो-हीमोग्लोबिन के रूप में: लगभग $20-25$ प्रतिशत $CO_{2}$ हीमोग्लोबिन द्वारा ले जाया जाता है। यह बंधन $CO_{2}$ के आंशिक दबाव से संबंधित है। $pO_{2}$ एक प्रमुख कारक है जो इस बंधन को प्रभावित करता है। जब ऊतकों में $pCO_{2}$ उच्च और $pO_{2}$ कम होता है,तो अधिक $CO_{2}$ हीमोग्लोबिन से जुड़ता है। इसके विपरीत,जब कूपिकाओं (alveoli) में $pCO_{2}$ कम और $pO_{2}$ उच्च होता है,तो $CO_{2}$ हीमोग्लोबिन से अलग हो जाता है।
$2$. बाइकार्बोनेट के रूप में: लगभग $70$ प्रतिशत $CO_{2}$ बाइकार्बोनेट $(HCO_{3}^{-})$ के रूप में परिवहन किया जाता है। $RBCs$ में कार्बोनिक एनहाइड्रेज एंजाइम की उच्च सांद्रता होती है,जो इस अभिक्रिया को सुगम बनाती है: $CO_{2} + H_{2}O \rightleftharpoons H_{2}CO_{3} \rightleftharpoons HCO_{3}^{-} + H^{+}$। ऊतक स्थल पर,$CO_{2}$ रक्त में विसरित होकर $HCO_{3}^{-}$ और $H^{+}$ बनाता है। कूपिका स्थल पर,अभिक्रिया विपरीत दिशा में चलती है जिससे $CO_{2}$ मुक्त होता है।
$3$. प्लाज्मा में घुलित अवस्था में: लगभग $7$ प्रतिशत $CO_{2}$ रक्त प्लाज्मा में घुलित अवस्था में परिवहन किया जाता है।