| $\sigma$ बंध | $\pi$ बंध |
| इस प्रकार का सहसंयोजक बंध परमाणु कक्षकों के अंतर्नाभिकीय अक्ष पर आमने-सामने (end-to-end) अतिव्यापन से बनता है। | इस प्रकार का सहसंयोजक बंध परमाणु कक्षकों के पार्श्व (sideways) अतिव्यापन से बनता है,जहाँ कक्षकों के अक्ष एक-दूसरे के समानांतर और अंतर्नाभिकीय अक्ष के लंबवत होते हैं। |
| इलेक्ट्रॉन बादल अंतर्नाभिकीय अक्ष के चारों ओर बेलनाकार रूप से सममित होता है। | इलेक्ट्रॉन बादल अंतर्नाभिकीय अक्ष के तल के ऊपर और नीचे वितरित होता है। |
| $\sigma$ आणविक कक्षक अंतर्नाभिकीय अक्ष के चारों ओर सममित होते हैं। | $\pi$ आणविक कक्षक अंतर्नाभिकीय अक्ष के चारों ओर सममित नहीं होते हैं। |
| $\sigma$ बंध $s-s$,$s-p$ और $p-p$ (अक्षीय) अतिव्यापन से बनते हैं। | $\pi$ बंध $p-p$,$p-d$ और $d-d$ (पार्श्व) अतिव्यापन से बनते हैं। |
| यह बंध अक्ष के चारों ओर घूमने से नहीं टूटता है। | यह बंध अक्ष के चारों ओर घूमने से टूट जाता है। |
| $\sigma$ बंध अधिक अतिव्यापन के कारण मजबूत होते हैं। | $\pi$ बंध कम प्रभावी पार्श्व अतिव्यापन के कारण कमजोर होते हैं। |
| दो परमाणुओं के बीच एकल बंध हमेशा $\sigma$ बंध होता है। | बहु-बंधों में,अतिरिक्त बंध $\pi$ बंध होते हैं (द्वि-बंध में $1$,त्रि-बंध में $2$)। |
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