(N/A) न्यूक्लिक अम्ल जीवन के अस्तित्व और निरंतरता के लिए आवश्यक हैं। इनका जैविक महत्व इस प्रकार है:
$1$. आनुवंशिकता: जीवित कोशिका का केंद्रक आनुवंशिक लक्षणों के संचरण के लिए जिम्मेदार होता है,जिसे आनुवंशिकता कहा जाता है। कोशिका के केंद्रक में मौजूद कण जो आनुवंशिकता के लिए जिम्मेदार होते हैं,उन्हें गुणसूत्र (chromosomes) कहा जाता है,जो प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्ल से बने होते हैं।
$2$. प्रजाति की पहचान: $DNA$ लाखों वर्षों तक जीवों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान बनाए रखने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। एक $DNA$ अणु कोशिका विभाजन के दौरान स्वयं की प्रतिकृति (self-duplication) बनाने में सक्षम है,जिससे यह सुनिश्चित होता है कि समान $DNA$ स्ट्रैंड संतति कोशिकाओं में स्थानांतरित हो जाते हैं।
$3$. प्रोटीन संश्लेषण: न्यूक्लिक अम्ल प्रोटीन संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यद्यपि प्रोटीन कोशिका में विभिन्न $RNA$ अणुओं द्वारा संश्लेषित होते हैं,लेकिन विशिष्ट प्रोटीन के संश्लेषण के लिए संदेश या निर्देश $DNA$ में एन्कोड होते हैं।