(N/A) $Ohm$ का नियम: यदि किसी चालक का तापमान स्थिर रहे, तो उसके सिरों के बीच का विभवांतर उसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के सीधे समानुपाती होता है।
गणितीय निरूपण: $V = IR$ या $R = V / I$, जहाँ $V$ विभवांतर है, $I$ विद्युत धारा है और $R$ प्रतिरोध है।
$1\, ohm$ की परिभाषा: यदि किसी चालक के दो सिरों के बीच विभवांतर $1\, V$ है और उसमें प्रवाहित होने वाली धारा $1\, A$ है, तो चालक का प्रतिरोध $1\, ohm$ होता है $(1\, \Omega = 1\, V / 1\, A)$।
श्रेणीक्रम संयोजन के नुकसान:
$(i)$ विभिन्न विद्युत उपकरणों को ठीक से काम करने के लिए अलग-अलग मान की विद्युत धारा की आवश्यकता होती है, जो श्रेणीक्रम में संभव नहीं है क्योंकि पूरे परिपथ में धारा समान रहती है।
$(ii)$ यदि एक उपकरण खराब हो जाता है या बंद हो जाता है, तो पूरा परिपथ टूट जाता है और अन्य कोई भी उपकरण काम नहीं करता है।