(N/A) इस घटना को प्रतिध्वनि (Echo) कहा जाता है।
प्रतिध्वनि एक दूर की सतह से ध्वनि तरंगों के परावर्तन के कारण ध्वनि की पुनरावृत्ति है।
प्रतिध्वनि सुनने के लिए,परावर्तित ध्वनि को मूल ध्वनि के कम से कम $0.1 \, s$ बाद श्रोता तक पहुँचना चाहिए,क्योंकि मानव कान की श्रवण की दृढ़ता (persistence of hearing) $0.1 \, s$ होती है।
ध्वनि द्वारा तय की गई कुल दूरी $2d$ है,जहाँ $d$ परावर्तक सतह की दूरी है।
चूंकि हवा में ध्वनि की गति लगभग $340 \, m/s$ है,इसलिए आवश्यक न्यूनतम दूरी $d = (v \times t) / 2 = (340 \times 0.1) / 2 = 17 \, m$ है।
चूंकि इमारत $18 \, m$ की दूरी पर है,जो $17 \, m$ से अधिक है,इसलिए परावर्तित ध्वनि $0.1 \, s$ के बाद श्रोता तक पहुँचती है,जिससे प्रतिध्वनि स्पष्ट रूप से सुनाई देती है।