(N/A) श्वसन पथ को पारंपरिक रूप से एक अपचय पथ माना जाता है क्योंकि इसमें ग्लूकोज और वसा जैसे जटिल कार्बनिक अणुओं का टूटना शामिल है,जिससे $ATP$ के रूप में ऊर्जा निकलती है।
हालाँकि,$TCA$ चक्र (ट्राइकार्बोक्सिलिक एसिड चक्र) को उभयपथी पथ कहा जाता है क्योंकि यह अपचय (catabolic) और उपचय (anabolic) दोनों कार्य करता है।
$1$. अपचय भूमिका: यह एसिटिल $CoA$ (जो कार्बोहाइड्रेट,वसा और प्रोटीन से प्राप्त होता है) को $CO_2$ और पानी में तोड़ता है,जिससे $NADH$,$FADH_2$ और $GTP/ATP$ जैसे ऊर्जा-समृद्ध अणु उत्पन्न होते हैं।
$2$. उपचय भूमिका: $TCA$ चक्र के कई मध्यवर्ती पदार्थों का उपयोग अन्य आवश्यक कोशिकीय घटकों के जैव-संश्लेषण के लिए अग्रदूत (precursors) के रूप में किया जाता है। उदाहरण के लिए:
- एसिटिल $CoA$ का उपयोग फैटी एसिड,स्टेरॉयड,कैरोटीनॉयड और टेरपीन के संश्लेषण के लिए किया जाता है।
- $\alpha$-कीटोग्लूटारेट ग्लूटामेट जैसे अमीनो एसिड के संश्लेषण के लिए एक अग्रदूत है।
- ऑक्सालोएसीटेट का उपयोग एस्पार्टेट और अन्य अमीनो एसिड के संश्लेषण के लिए किया जाता है।
- सक्सिनिल $CoA$ का उपयोग क्लोरोफिल और साइटोक्रोम के संश्लेषण में किया जाता है।
चूंकि इस चक्र में पदार्थों का टूटना (अपचय) और अन्य जैव-अणुओं का निर्माण (उपचय) दोनों प्रक्रियाएं होती हैं,इसलिए इसे सही रूप से उभयपथी पथ कहा जाता है।