(N/A) दिया है: $\triangle ABC$ में भुजा $BC$ पर माध्यिका $AD$ है।
सिद्ध करना है: $AB + AC > 2AD$.
रचना: $AD$ को $E$ तक इस प्रकार बढ़ाया कि $DE = AD$ और $EC$ को मिलाया।
उपपत्ति: $\triangle ADB$ और $\triangle EDC$ में:
$AD = ED$ (रचना से)
$\angle 1 = \angle 2$ (शीर्षाभिमुख कोण)
$DB = DC$ ($AD$ माध्यिका है)
$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी से,$\triangle ADB \cong \triangle EDC$.
अतः,$AB = EC$ ($CPCT$ - सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग).
अब,$\triangle AEC$ में,त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है:
$AC + CE > AE$
चूँकि $AE = AD + DE = AD + AD = 2AD$ और $CE = AB$ है,इसलिए:
$AC + AB > 2AD$.
अतः,यह सिद्ध होता है कि दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा पर माध्यिका के दोगुने से अधिक होता है।