(N/A) मान लीजिए कि एक त्रिभुज के कोण $\angle A, \angle B$ और $\angle C$ हैं। त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म के अनुसार,$\angle A + \angle B + \angle C = 180^{\circ}$ होता है।
स्थिति $1$: यदि त्रिभुज एक न्यूनकोण त्रिभुज है,तो तीनों कोण $90^{\circ}$ से कम होते हैं। अतः,इसमें तीन न्यूनकोण होते हैं।
स्थिति $2$: यदि त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है,तो एक कोण $90^{\circ}$ होता है। मान लीजिए $\angle A = 90^{\circ}$ है। तब $\angle B + \angle C = 180^{\circ} - 90^{\circ} = 90^{\circ}$ होगा। चूँकि दो धनात्मक कोणों का योग $90^{\circ}$ है,इसलिए $\angle B$ और $\angle C$ दोनों $90^{\circ}$ से कम होने चाहिए,जिसका अर्थ है कि वे दोनों न्यूनकोण हैं।
स्थिति $3$: यदि त्रिभुज एक अधिककोण त्रिभुज है,तो एक कोण $90^{\circ}$ से अधिक होता है। मान लीजिए $\angle A > 90^{\circ}$ है। तब $\angle B + \angle C = 180^{\circ} - \angle A$ होगा। चूँकि $\angle A > 90^{\circ}$ है,इसलिए $\angle B + \angle C < 90^{\circ}$ होगा। इसका तात्पर्य यह है कि $\angle B$ और $\angle C$ दोनों $90^{\circ}$ से कम होने चाहिए,जिसका अर्थ है कि वे दोनों न्यूनकोण हैं।
निष्कर्ष: सभी संभावित स्थितियों में,एक त्रिभुज में कम से कम दो न्यूनकोण होने ही चाहिए।