(A) $C_{4}H_{9}Br$ सूत्र वाले दो प्राथमिक एल्काइल हैलाइड हैं: $n$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड $(CH_{3}CH_{2}CH_{2}CH_{2}Br)$ और आइसोब्यूटाइल ब्रोमाइड $(CH_{3}CH(CH_{3})CH_{2}Br)$।
चूंकि यौगिक $(a)$,$Na$ के साथ अभिक्रिया करके उत्पाद $(d)$ बनाता है जो $n$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड के उत्पाद ($n$-ऑक्टेन) से भिन्न है,इसलिए $(a)$ आइसोब्यूटाइल ब्रोमाइड होना चाहिए।
$1$. $(a)$ की $Na$ के साथ अभिक्रिया (वर्ट्ज़ अभिक्रिया):
$2CH_{3}CH(CH_{3})CH_{2}Br + 2Na$ $\xrightarrow{\text{dry ether}} CH_{3}CH(CH_{3})CH_{2}CH_{2}CH(CH_{3})CH_{3} (2,5-\text{डाइमिथाइलहेक्सेन}) + 2NaBr$
$2$. $(a)$ की अल्कोहलिक $KOH$ के साथ अभिक्रिया (डीहाइड्रोहैलोजनीकरण):
$CH_{3}CH(CH_{3})CH_{2}Br + KOH(\text{alc})$ $\xrightarrow{\Delta} CH_{3}C(CH_{3})=CH_{2} (2-\text{मिथाइलप्रोपिन}) + KBr + H_{2}O$
$3$. $(b)$ की $HBr$ के साथ अभिक्रिया (मार्कोवनिकोव योग):
$CH_{3}C(CH_{3})=CH_{2} + HBr \rightarrow CH_{3}C(Br)(CH_{3})CH_{3} (2-\text{ब्रोमो}-2-\text{मिथाइलप्रोपेन})$
यौगिक $(c)$,$2-\text{ब्रोमो}-2-\text{मिथाइलप्रोपेन}$ है,जो $(a)$ का समावयवी है।