जब साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड निम्नलिखित अभिकर्मकों के साथ अभिक्रिया करता है,तो बनने वाले उत्पादों का अनुमान लगाइए:
$(i)$ $PhMgBr$ और उसके बाद $H_3O^{+}$
$(ii)$ टॉलेन अभिकर्मक
$(iii)$ सेमीकार्बेजाइड और दुर्बल अम्ल
$(iv)$ अतिरिक्त इथेनॉल और अम्ल
$(v)$ जिंक अमलगम और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

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(N/A) $(i)$ साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड $PhMgBr$ (ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक) के साथ अभिक्रिया करके और उसके बाद अम्लीय जल-अपघटन द्वारा साइक्लोहेक्सिलफेनिलकार्बिनोल बनाता है।
$(ii)$ साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड टॉलेन अभिकर्मक $([Ag(NH_3)_2]^+)$ के साथ अभिक्रिया करके साइक्लोहेक्सेनकार्बोक्सिलेट आयन और सिल्वर मिरर ($Ag$ अवक्षेप) बनाता है।
$(iii)$ साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड दुर्बल अम्ल की उपस्थिति में सेमीकार्बेजाइड के साथ अभिक्रिया करके साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड सेमीकार्बाजोन बनाता है।
$(iv)$ साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड शुष्क $HCl$ गैस की उपस्थिति में अतिरिक्त इथेनॉल के साथ अभिक्रिया करके साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड डाईइथाइल एसिटल बनाता है।
$(v)$ साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड जिंक अमलगम $(Zn-Hg)$ और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल $(HCl)$ के साथ क्लेमेंसन अपचयन द्वारा मिथाइलसाइक्लोहेक्सेन बनाता है।

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