(N/A) $(i)$ $1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल का अम्ल-उत्प्रेरित निर्जलीकरण एक तृतीयक कार्बोनियम आयन के निर्माण के माध्यम से होता है। निकटवर्ती कार्बन से प्रोटॉन के हटने से मुख्य उत्पाद के रूप में $1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सीन प्राप्त होता है।
$(ii)$ ब्यूटेन-$1$-ओल का अम्ल-उत्प्रेरित निर्जलीकरण एक प्राथमिक कार्बोनियम आयन के निर्माण के माध्यम से होता है,जो अधिक स्थिर द्वितीयक कार्बोनियम आयन में पुनर्व्यवस्थित हो जाता है। इसके बाद प्रोटॉन के हटने से मुख्य उत्पाद के रूप में ब्यूट-$2$-ईन प्राप्त होता है।
$(i)$ के लिए अभिक्रिया:
$1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल $\xrightarrow{H^+}$ $1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सीन $+ H_2O$
$(ii)$ के लिए अभिक्रिया:
$CH_3CH_2CH_2CH_2OH \xrightarrow{H^+} CH_3CH=CHCH_3$ (ब्यूट-$2$-ईन,मुख्य उत्पाद) $+ H_2O$