(N/A) $2-$मिथाइलप्रोप$-1-$ईन में $HCl$ का योग मार्कोवनिकोव के नियम का पालन करता है,जहाँ न्यूक्लियोफाइल $(Cl^-)$ अधिक प्रतिस्थापित कार्बन परमाणु से जुड़ता है।
अभिक्रिया:
$CH_3-C(CH_3)=CH_2 + HCl \rightarrow CH_3-C(Cl)(CH_3)-CH_3$ ($2-$क्लोरो$-2-$मिथाइलप्रोपेन)।
क्रियाविधि:
चरण-$1$: कार्बोनियम आयन का निर्माण।
इलेक्ट्रोफाइल $H^+$ द्वि-आबंध पर आक्रमण करके कार्बोनियम आयन बनाता है। $3^\circ$ कार्बोनियम आयन $(CH_3-C^+(CH_3)-CH_3)$,$1^\circ$ कार्बोनियम आयन $(CH_3-CH(CH_3)-CH_2^+)$ की तुलना में अधिक स्थिर होता है,इसलिए $3^\circ$ कार्बोनियम आयन प्राथमिकता से बनता है।
चरण-$2$: न्यूक्लियोफाइल का आक्रमण।
न्यूक्लियोफाइल $Cl^-$ $3^\circ$ कार्बोनियम आयन पर आक्रमण करके अंतिम उत्पाद,$2-$क्लोरो$-2-$मिथाइलप्रोपेन बनाता है।