$6 eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन एक धातु की सतह पर आपतित होते हैं, जिसका कार्य फलन (work function) $4 eV$ है। उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की न्यूनतम गतिज ऊर्जा ........... $eV$ होगी।

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जब $8\ eV$ ऊर्जा वाला एक फोटॉन $1.6 \times 10^{15}\ Hz$ की देहली आवृत्ति वाली धातु की सतह पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा ............ $eV$ होती है। $(h = 6.6 \times 10^{-34}\ J\cdot s, 1\ eV = 1.6 \times 10^{-19}\ J)$

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एक निश्चित धात्विक सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है। इस प्रकाश के लिए फोटो-इलेक्ट्रिक धारा का निरोधी विभव (stopping potential) $3V_0$ है। यदि उसी सतह को $2\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $V_0$ है। इस सतह के लिए फोटो-इलेक्ट्रिक प्रभाव की देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

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