(N/A) पोपोफ के नियम के अनुसार,एक असममित कीटोन का ऑक्सीकरण कार्बोनिल समूह के दोनों ओर $C-C$ बंध के विदलन द्वारा होता है,जिससे छोटा एल्काइल समूह कार्बोनिल कार्बन के साथ रहता है।
$2,5-$डाइमिथाइलहेक्सेन$-3-$ओन $(CH_3-CH(CH_3)-CO-CH_2-CH(CH_3)-CH_3)$ के लिए,विदलन दो तरह से हो सकता है:
$1$. $C_2$ और $C_3$ के बीच विदलन: यह $2-$मिथाइलप्रोपेनोइक एसिड $(CH_3-CH(CH_3)-COOH)$ और $2-$मिथाइलप्रोपेनोइक एसिड $(CH_3-CH(CH_3)-COOH)$ देता है।
$2$. $C_3$ और $C_4$ के बीच विदलन: यह $3-$मिथाइलब्यूटेनोइक एसिड $(CH_3-CH(CH_3)-CH_2-COOH)$ और प्रोपेन$-2-$ओन $(CH_3-CO-CH_3)$ देता है।
प्रोपेन$-2-$ओन आगे ऑक्सीकृत होकर एथेनोइक एसिड $(CH_3COOH)$ और मेथेनोइक एसिड $(HCOOH)$ बना सकता है,जो अंततः $CO_2$ और $H_2O$ में ऑक्सीकृत हो जाता है।