(C_{6}H_{5}CHCLC_{6}H_{5}) जलीय $KOH$ द्वारा एल्काइल हैलाइड का जल-अपघटन अक्सर $S_{N}1$ क्रियाविधि द्वारा होता है,जिसमें कार्बोनियम आयन (carbocation) मध्यवर्ती बनता है।
कार्बोकेशन की स्थिरता जल-अपघटन की सुगमता को निर्धारित करती है। अधिक स्थिर कार्बोकेशन अधिक आसानी से बनता है,जिससे जल-अपघटन तेज होता है।
$1$. $C_{6}H_{5}CH_{2}Cl$ आयनित होकर बेंजाइल कार्बोकेशन $(C_{6}H_{5}CH_{2}^{+})$ बनाता है,जो एक फिनाइल रिंग के साथ अनुनाद (resonance) द्वारा स्थिर होता है।
$2$. $C_{6}H_{5}CHClC_{6}H_{5}$ आयनित होकर डाइफिनाइलमिथाइल कार्बोकेशन $(C_{6}H_{5}CH^{+}C_{6}H_{5})$ बनाता है,जो दो फिनाइल रिंग के साथ अनुनाद द्वारा अधिक स्थिर होता है।
चूंकि दो फिनाइल रिंग के साथ विस्तारित अनुनाद के कारण डाइफिनाइलमिथाइल कार्बोकेशन,बेंजाइल कार्बोकेशन की तुलना में अधिक स्थिर है,इसलिए $C_{6}H_{5}CHClC_{6}H_{5}$ का जल-अपघटन $C_{6}H_{5}CH_{2}Cl$ की तुलना में अधिक आसानी से होता है।