(N/A) वायरस सूक्ष्म जीव हैं जो सजीव और निर्जीव दोनों के लक्षण प्रदर्शित करते हैं।
$1$. सजीव होने के प्रमाण: इनमें आनुवंशिक पदार्थ ($DNA$ या $RNA$) होता है और ये केवल मेजबान (host) कोशिका के अंदर ही प्रतिकृति (replicate) बना सकते हैं। ये उत्परिवर्तन (mutations) भी प्रदर्शित करते हैं और मेजबान कोशिका के भीतर पर्यावरणीय उत्तेजनाओं के प्रति प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
$2$. निर्जीव होने के प्रमाण: ये अकोशिकीय (acellular) होते हैं,इनमें चयापचय तंत्र (जैसे राइबोसोम या ऊर्जा उत्पादन के लिए एंजाइम) का अभाव होता है और ये मेजबान कोशिका के बाहर स्वतंत्र रूप से प्रजनन नहीं कर सकते। इन्हें क्रिस्टलीकृत (crystallized) भी किया जा सकता है,जो निर्जीव पदार्थों का एक गुण है।
निष्कर्ष: चूंकि ये सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी हैं,इसलिए जैविक वर्गीकरण में इन्हें अक्सर 'अविकल्पी परजीवी' (obligate parasites) या 'सीमावर्ती' जीव माना जाता है।