(N/A) आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी के जन्म को सक्षम बनाने वाली दो मुख्य तकनीकें निम्नलिखित हैं:
$(i)$ आनुवंशिक इंजीनियरिंग (Genetic engineering): आनुवंशिक पदार्थ ($DNA$ और $RNA$) के रसायन विज्ञान में परिवर्तन करने की तकनीकें,ताकि इन्हें परपोषी जीवों में प्रवेश कराकर परपोषी जीव के लक्षणप्रारूप (phenotype) को बदला जा सके।
$(ii)$ बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग (Bioprocess engineering): रासायनिक इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में रोगाणुहीन (सूक्ष्मजीव संदूषण मुक्त) वातावरण का रखरखाव करना,ताकि एंटीबायोटिक्स,टीके,एंजाइम आदि जैसे जैव-प्रौद्योगिकीय उत्पादों के निर्माण के लिए केवल वांछित सूक्ष्मजीव या यूकेरियोटिक कोशिका का बड़े पैमाने पर संवर्धन हो सके।