चुंबकीय हिस्टैरिसीस (Magnetic hysteresis) . . . . . . चुंबकीय पदार्थों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

  • A
    केवल पैरा
  • B
    केवल डाय
  • C
    केवल फेरो
  • D
    पैरा और फेरो दोनों

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Similar Questions

दो चुंबकीय पदार्थों $A$ और $B$ के लिए हिस्टेरेसिस लूप नीचे दिए गए हैं। इन पदार्थों का उपयोग इलेक्ट्रिक जनरेटर,ट्रांसफार्मर कोर और इलेक्ट्रोमैग्नेट कोर के लिए चुंबक बनाने में किया जाता है। तो किसका उपयोग करना उचित है?

एक धातु की छड़ को $42 \ Hz$ की दर से चुम्बकन चक्रों से गुजारा जाता है। धातु का घनत्व $6 \times 10^3 \ kg \ m^{-3}$ है और इसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता $0.1 \times 10^3 \ cal \ kg^{-1} \ ^{\circ}C^{-1}$ है। यदि इसके $B-H$ लूप का क्षेत्रफल $10^{-2} \ J \ m^{-3}$ के ऊर्जा घनत्व के अनुरूप है,तो एक मिनट में इसके तापमान में वृद्धि क्या होगी ($^{\circ} C$ में)?

एक चुंबक की निग्राहिता (coercivity),जहाँ फेरोमैग्नेट पूरी तरह से विचुंबकित (demagnetized) हो जाता है,$3 \times 10^{3} \text{ A m}^{-1}$ है। $1000 \text{ turns m}^{-1}$ वाले सोलेनोइड में प्रवाहित होने वाली न्यूनतम धारा क्या होगी,ताकि सोलेनोइड के अंदर रखे जाने पर चुंबक पूरी तरह से विचुंबकित हो जाए?

एक चुंबक की निग्राहिता (coercivity) $5 \times 10^3 \text{ A/m}$ है। $30 \text{ cm}$ लंबाई और $150$ फेरों वाली परिनालिका (solenoid) में कितनी विद्युत धारा प्रवाहित की जानी चाहिए ताकि परिनालिका के अंदर रखे चुंबक का विचुंबकन (demagnetization) हो सके?

एक छड़ चुंबक की निग्राहिता (coercivity) $4 \times 10^3 \, A \, m^{-1}$ है। इसे $12 \, cm$ लंबी और $60$ फेरों वाली परिनालिका (solenoid) के अंदर रखकर विचुंबकित (demagnetise) करना है। परिनालिका से प्रवाहित की जाने वाली धारा . . . . . . $A$ है।

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