(N/A) हाँ,यह सच है कि यदि घुलित ऑक्सीजन $(DO)$ का स्तर शून्य हो जाता है,तो पानी सेप्टिक (अवायवीय) हो जाता है। ऐसी स्थितियों में,अवायवीय बैक्टीरिया पनपते हैं,जिससे कार्बनिक पदार्थों का अपघटन होता है और हाइड्रोजन सल्फाइड $(H_2S)$ और मीथेन $(CH_4)$ जैसी दुर्गंधयुक्त गैसें निकलती हैं।
जलीय निकाय में $DO$ की मात्रा को कम करने वाले कारक का एक उदाहरण अनुपचारित सीवेज या कार्बनिक कचरे का विसर्जन है। पानी में मौजूद सूक्ष्मजीव इस जैव-निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थ को विघटित करने के लिए बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन का उपभोग करते हैं,जिसे बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड $(BOD)$ द्वारा मापा जाता है। जैसे-जैसे $BOD$ बढ़ता है,पानी में $DO$ का स्तर काफी कम हो जाता है।