(A) $1.$ $\text{Hex-3-ynal}$ $(CH_3-CH_2-C \equiv C-CH_2-CHO)$ की अभिक्रिया $NaBH_4$ के साथ होने पर एल्डिहाइड का प्राथमिक अल्कोहल $(CH_3-CH_2-C \equiv C-CH_2-CH_2OH)$ में अपचयन होता है,जिसके बाद $PBr_3$ द्वारा अल्कोहल का ब्रोमाइड में रूपांतरण होता है। अतः,$I$ का मान $CH_3-CH_2-C \equiv C-CH_2-CH_2Br$ है,जो संरचना $(D)$ के अनुरूप है।
$2.$ $I$ से ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक बनाकर फिर $CO_2$ और अम्लीय वर्कअप के साथ अभिक्रिया करने पर कार्बोक्सिलिक एसिड $J$ $(CH_3-CH_2-C \equiv C-CH_2-CH_2-COOH)$ प्राप्त होता है। $J$ को एसिड क्लोराइड में बदलने के लिए $SOCl_2$ $(K)$ की आवश्यकता होती है। अतः,$J$ संरचना $(B)$ है और $K$ का मान $SOCl_2$ है। $(J, K)$ का युग्म $(B, SOCl_2)$ है,जो विकल्प $(C)$ से मेल खाता है।
$3.$ अंतिम चरण लिंडलर उत्प्रेरक $(H_2, Pd/BaSO_4, \text{quinoline})$ का उपयोग करके एल्काइन का सिस-एल्कीन में आंशिक हाइड्रोजनीकरण है। उत्पाद $L$ एक एल्डिहाइड समूह वाला सिस-एल्कीन है,जो संरचना $(C)$ के अनुरूप है।
अतः,$(1, 2, 3)$ के लिए सही क्रम $(D, C, C)$ है।