निम्नलिखित हैलोजन यौगिकों के युग्मों में से कौन सा $S_{N}2$ अभिक्रिया अधिक तेजी से करेगा?
$(i)$ साइक्लोहेक्सिलमिथाइल क्लोराइड और क्लोरोसाइक्लोहेक्सेन
(ii) $n$-ब्यूटाइल आयोडाइड और $n$-ब्यूटाइल क्लोराइड

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(N/A) $S_{N}2$ अभिक्रिया की दर इलेक्ट्रोफिलिक कार्बन के चारों ओर त्रिविम बाधा (steric hindrance) और लिविंग ग्रुप की प्रकृति पर निर्भर करती है।
$(i)$ साइक्लोहेक्सिलमिथाइल क्लोराइड एक प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड है,जबकि क्लोरोसाइक्लोहेक्सेन एक द्वितीयक $(2^{\circ})$ एल्किल हैलाइड है। चूंकि $S_{N}2$ अभिक्रियाएं त्रिविम बाधा के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती हैं,इसलिए कम बाधा वाला प्राथमिक हैलाइड तेजी से अभिक्रिया करता है। अतः,साइक्लोहेक्सिलमिथाइल क्लोराइड,क्लोरोसाइक्लोहेक्सेन की तुलना में तेजी से अभिक्रिया करता है।
(ii) $n$-ब्यूटाइल आयोडाइड और $n$-ब्यूटाइल क्लोराइड दोनों प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड हैं। $S_{N}2$ अभिक्रिया की दर लिविंग ग्रुप के निकलने की क्षमता पर निर्भर करती है। आयोडाइड $(I^-)$ क्लोराइड $(Cl^-)$ की तुलना में एक बेहतर लिविंग ग्रुप है क्योंकि यह एक दुर्बल क्षार है। इसलिए,$n$-ब्यूटाइल आयोडाइड,$n$-ब्यूटाइल क्लोराइड की तुलना में तेजी से अभिक्रिया करता है।

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