आवृतबीजी पौधों के जीवन चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा क्रम सही ढंग से व्यवस्थित है?

  • A
    अंकुरण, भ्रूणपोष का निर्माण, बीज प्रकीर्णन, दोहरा निषेचन
  • B
    विदलन, निषेचन, आरोपण, फल का निर्माण
  • C
    परागण, निषेचन, बीज का निर्माण और अंकुरण
  • D
    परिपक्वता, समसूत्री विभाजन, विभेदन

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पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन की निम्नलिखित घटनाओं को उस क्रम में व्यवस्थित करें जिसमें वे घटित होती हैं: भ्रूणोद्भव (embryogenesis), निषेचन (fertilisation), युग्मकजनन (gametogenesis), परागण (pollination)।

एक आवृतबीजी नर पादप जिसके पराग मातृ कोशिकाओं में $24$ गुणसूत्र हैं,का संकरण एक ऐसे मादा पादप के साथ कराया जाता है जिसकी जड़ की कोशिकाओं में $24$ गुणसूत्र हैं। इस संकरण के बाद बनने वाले भ्रूण और भ्रूणपोष की प्लॉइडी (ploidy) क्रमशः क्या होगी?

निम्नलिखित का मिलान करें:
स्तंभ-$I$ स्तंभ-$II$
$(1)$ घास $(P)$ स्वयुग्मन (Autogamy) और सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy) को रोकता है
$(2)$ हाइड्रिला $(Q)$ वायु परागण
$(3)$ अनुन्मील्य (Cleistogamous) पुष्प $(R)$ जल परागण
$(4)$ पपीता $(S)$ स्वयुग्मन (Autogamy)

जयांग (gynoecium) के संदर्भ में विषम को चुनिए।

निम्नलिखित में से कौन सा स्व-परागण (self-pollination) का नुकसान नहीं है?

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