प्रकाश-विद्युत प्रभाव में,जब $h \nu$ ऊर्जा के फोटॉन एक प्रकाश-संवेदी सतह (कार्य फलन $h \nu_0$) पर गिरते हैं,तो धात्विक सतह से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। यह कहना संभव है कि:

  • A
    सभी उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा समान और $h \nu - h \nu_0$ के बराबर होती है।
  • B
    उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा शून्य से $(h \nu - h \nu_0)$ तक वितरित होती है।
  • C
    सबसे अधिक ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा $h \nu$ के बराबर होती है।
  • D
    सभी उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा $h \nu_0$ होती है।

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पोटेशियम की देहली आवृत्ति (threshold frequency) $3 \times 10^{14} \ Hz$ है। कार्य फलन (work function) ...... है।

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एक धातु का कार्य फलन (work function) $2 \ \text{eV}$ है। यदि इस पर $3000 \ \text{Å}$ तरंगदैर्ध्य का विकिरण आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी? (प्लांक नियतांक $h=6.6 \times 10^{-34} \ \text{Js}$; प्रकाश का वेग $c=3 \times 10^8 \ \text{m/s}$; $1 \ \text{eV}=1.6 \times 10^{-19} \ \text{J}$)

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