(N/A) $(i)$ विद्युत की मात्रा: $Q = It = 2.0 \ A \times 3600 \ s = 7200 \ C = \frac{7200}{96500} \ F \approx 0.0746 \ F$.
आयनीकरण: $CuCl_2 \rightarrow Cu^{2+}_{(aq)} + 2Cl^{-}_{(aq)}$.
कैथोड पर अपचयन: $Cu^{2+}_{(aq)} + 2e^{-} \rightarrow Cu_{(s)}$.
अभिक्रिया के अनुसार,$2 \ mol$ इलेक्ट्रॉन $1 \ mol \ Cu$ देते हैं।
अतः,$2 \ F$ विद्युत $63.5 \ g \ Cu$ देती है।
इसलिए,$\frac{72}{965} \ F$ द्वारा प्राप्त $Cu$ का द्रव्यमान $= \frac{63.5}{2} \times \frac{72}{965} \approx 2.368 \ g \ Cu$ कैथोड पर।
एनोड पर ऑक्सीकरण: $2Cl^{-}_{(aq)} \rightarrow Cl_{2(g)} + 2e^{-}$.
$2 \ mol$ इलेक्ट्रॉन $(2 \ F)$ $1 \ mol \ Cl_2$ गैस देते हैं।
इसलिए,$\frac{72}{965} \ F$ द्वारा प्राप्त $Cl_2$ के मोल $= \frac{36}{965} \approx 0.0373 \ mol \ Cl_2$.
$Cl_2$ का भार $= 0.0373 \times 71 \approx 2.648 \ g$.
आदर्श गैस समीकरण $PV = nRT$ का उपयोग करते हुए,$Cl_2$ का आयतन $V = \frac{nRT}{P} = \frac{0.0373 \times 0.08314 \times 300}{1} \approx 0.9305 \ L \ Cl_2$ गैस एनोड पर।