(N/A) माना $\angle BAD = \angle 1$ और $\angle CAD = \angle 2$ है। चूँकि $AD$,$\angle BAC$ का समद्विभाजक है,इसलिए $\angle 1 = \angle 2$ है।
$\triangle ACD$ में,$\angle ADC$ शीर्ष $D$ पर एक बहिष्कोण है।
हम जानते हैं कि त्रिभुज का बहिष्कोण उसके दो अंतः अभिमुख कोणों के योग के बराबर होता है।
अतः,$\angle ADC = \angle CAD + \angle ACD = \angle 2 + \angle ACD$ है।
चूँकि $\angle ACD > 0$,इसलिए $\angle ADC > \angle 2$ प्राप्त होता है।
$\angle 2 = \angle 1$ प्रतिस्थापित करने पर,हमें $\angle ADC > \angle 1$ प्राप्त होता है।
अब,$\triangle ABD$ पर विचार करें। इस त्रिभुज में,भुजा $AB$ के सम्मुख कोण $\angle ADB$ (जो $\angle ADC$ है) है और भुजा $BD$ के सम्मुख कोण $\angle BAD$ (जो $\angle 1$ है) है।
चूँकि $\angle ADC > \angle 1$,इसलिए बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।
अतः,$AB > BD$ सिद्ध होता है।