(N/A) $4 NH_{3} + 5 O_{2} \longrightarrow 4 NO + 6 H_{2}O$ में,$NH_{3}$ में नाइट्रोजन की ऑक्सीकरण अवस्था $-3$ से बढ़कर $+2$ हो जाती है। अतः,$NH_{3}$ अपचायक है।
$(b)$ $H_{2}O + F_{2} \longrightarrow HF + HOF$ में,$H_{2}O$ में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण अवस्था $-2$ से बढ़कर $0$ ($HOF$ में) हो जाती है। अतः,$H_{2}O$ अपचायक है।
$(c)$ $Fe_{2}O_{3} + 3 CO \longrightarrow 2 Fe + 3 CO_{2}$ में,$CO$ में कार्बन की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ से बढ़कर $+4$ हो जाती है। अतः,$CO$ अपचायक है।
$(d)$ $2 H_{2} + O_{2} \longrightarrow 2 H_{2}O$ में,$H_{2}$ में हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ से बढ़कर $+1$ हो जाती है। अतः,$H_{2}$ अपचायक है।
अपचायक वह पदार्थ है जो रासायनिक अभिक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉन दान करता है या अपनी ऑक्सीकरण अवस्था को बढ़ाता है।