(N/A) फसल के पौधों और उपज के बड़े पैमाने पर विनाश का एक प्रमुख कारण कीटों और पीड़कों का संक्रमण है।
कीट प्रतिरोध के लिए पादप प्रजनन उपयोगी है क्योंकि यह रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता को कम करता है,जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को कम किया जा सकता है।
मेजबान फसल के पौधों में प्रतिरोधकता रूपात्मक (morphological),जैव रासायनिक (biochemical) या शारीरिक (physiological) विशेषताओं के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है:
$1$. रूपात्मक: कपास जैसे पौधों में रोमिल पत्तियां जसिड्स के प्रति प्रतिरोध प्रदान करती हैं,और गेहूं में वे सीरियल लीफ बीटल के प्रति प्रतिरोध प्रदान करती हैं। गेहूं में ठोस तना स्टेम सॉफ्लाई के संक्रमण को रोकता है,जबकि चिकनी पत्तियों वाली और मकरंद-रहित कपास की किस्में बॉलवर्म को आकर्षित नहीं करती हैं।
$2$. जैव रासायनिक: मक्का में उच्च एस्पार्टिक एसिड,कम नाइट्रोजन और कम शर्करा की मात्रा मक्का के तना छेदक (stem borers) के प्रति प्रतिरोध प्रदान करती है।
कीट प्रतिरोध के लिए प्रजनन विधियां अन्य कृषि लक्षणों के समान ही चरणों का पालन करती हैं,जिसमें प्रतिरोध जीन के स्रोत के रूप में जर्मप्लाज्म संग्रह या जंगली रिश्तेदारों का उपयोग किया जाता है।
| फसल | किस्म | कीट |
| ब्रासिका (सरसों) | पूसा गौरव | एफिड्स |
| सेम (Flat bean) | पूसा सेम $2$,पूसा सेम $3$ | जसिड्स,एफिड्स और फल छेदक |
| भिंडी | पूसा सावानी,पूसा $A-4$ | तना और फल छेदक |