(N/A) $D_2O$ (भारी जल) को पानी के लंबे समय तक विद्युत अपघटन द्वारा तैयार किया जाता है,क्योंकि $H_2O$ का विद्युत अपघटन $D_2O$ की तुलना में तेजी से होता है।
भौतिक गुण जिनमें $D_2O$,$H_2O$ से भिन्न है:
$(i)$ घनत्व: $D_2O$ का अधिकतम घनत्व $11.6^{\circ}C$ पर $1.1073 \ g \ mL^{-1}$ है,जबकि $H_2O$ के लिए यह $4^{\circ}C$ पर $1.0000 \ g \ mL^{-1}$ है।
$(ii)$ श्यानता: $D_2O$ की श्यानता $H_2O$ से अधिक होती है।
$(iii)$ विलेयता: लवण सामान्यतः $H_2O$ की तुलना में $D_2O$ में कम विलेय होते हैं।
हाइड्रोजन के ड्यूटेरियम के साथ विनिमय अभिक्रियाएँ:
$NaOH + D_2O \longrightarrow NaOD + HOD$
$HCl + D_2O \longrightarrow DCl + HOD$
$NH_4Cl + 4D_2O \longrightarrow ND_4Cl + 4HOD$