(N/A) जीवधारी निम्नलिखित तरीकों से मृदा पर निर्भर हैं:
$1$. मृदा पौधों की जड़ों को जकड़कर उन्हें आधार प्रदान करती है। पौधे अपनी वृद्धि और विकास के लिए मृदा से आवश्यक पोषक तत्वों का अवशोषण करते हैं।
$2$. मृदा विभिन्न सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया,कवक,शैवाल और केंचुओं जैसे जीवों के लिए प्राकृतिक आवास प्रदान करती है। ये जीव मृदा की उर्वरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
$3$. चूहे और खरगोश जैसे कई जानवर मृदा में अपना घर (बिल) बनाते हैं।
$4$. केंचुआ मृदा में ही अपनी सभी गतिविधियाँ करता है और नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट उत्सर्जित करके मृदा की उर्वरता को बनाए रखता है।
जल में रहने वाले जीव संसाधन के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं। ये जीव भोजन और अन्य आवश्यकताओं के लिए जलीय पौधों पर निर्भर रहते हैं। इन जलीय पौधों को जीवित रहने के लिए खनिजों की आवश्यकता होती है। ये खनिज नदियों,वर्षा के जल आदि के माध्यम से मृदा से जल निकायों तक पहुँचते हैं। यदि मृदा से जल निकायों तक खनिजों की आपूर्ति न हो,तो जलीय जीवन की कल्पना करना असंभव है।