(N/A) फिनोल की अम्लीय प्रकृति को निम्नलिखित दो अभिक्रियाओं द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है:
$(i)$ फिनोल सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया करके सोडियम फेनॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है:
$C_6H_5OH + Na \rightarrow C_6H_5ONa + \frac{1}{2}H_2 \uparrow$
$(ii)$ फिनोल सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करके सोडियम फेनॉक्साइड और जल बनाता है:
$C_6H_5OH + NaOH \rightarrow C_6H_5ONa + H_2O$
अम्लता की तुलना:
फिनोल की अम्लता इथेनॉल की तुलना में काफी अधिक होती है। इसका कारण यह है कि प्रोटॉन के नुकसान के बाद बनने वाला फेनॉक्साइड आयन अनुनाद (resonance) द्वारा स्थिर हो जाता है,जहाँ ऋणात्मक आवेश बेंजीन रिंग पर विस्थानीकृत (delocalized) हो जाता है। इसके विपरीत,इथेनॉल से बनने वाला एथॉक्साइड आयन $(CH_3CH_2O^-)$ अनुनाद स्थिरीकरण नहीं दर्शाता है।