(N/A) ब्यूटेन (एक एल्केन) और ब्यूट-$1$-ईन (एक एल्कीन) के बीच अंतर करने के लिए बेयर परीक्षण या ब्रोमीन जल परीक्षण का उपयोग किया जा सकता है।
$1$. बेयर परीक्षण: ब्यूट-$1$-ईन ठंडे तनु क्षारीय $KMnO_{4}$ विलयन (बेयर अभिकर्मक) के साथ अभिक्रिया करके विसिनल डायोल बनाता है,जिससे $KMnO_{4}$ का बैंगनी रंग गायब हो जाता है। ब्यूटेन यह अभिक्रिया नहीं देता है।
$CH_{3}CH_{2}CH=CH_{2} + H_{2}O + [O] \xrightarrow{\text{Cold, dil. } KMnO_{4}} CH_{3}CH_{2}CH(OH)CH_{2}OH$ (ब्यूटेन-$1,2$-डायोल)
$2$. ब्रोमीन जल परीक्षण: ब्यूट-$1$-ईन $CCl_{4}$ में $Br_{2}$ के साथ अभिक्रिया करके एक रंगहीन योगात्मक उत्पाद बनाता है,जिससे ब्रोमीन का लाल-भूरा रंग समाप्त हो जाता है। ब्यूटेन यह अभिक्रिया नहीं देता है।
$CH_{3}CH_{2}CH=CH_{2} + Br_{2} \xrightarrow{CCl_{4}} CH_{3}CH_{2}CH(Br)CH_{2}Br$ ($1,2$-डाइब्रोमोब्यूटेन)